Aap Ke Ankhein
IN ANKHO KO DEKH KAR CHAAND BHI SHARMA JAYE....
AYE JAANAM HUMARI GUJARISH ZARA SUN LO....
APNI PALKEN JHUKAYE HI RAKHNA.......
KAHIN HUMSE KOI KHATA NA HO JAYE....
इन दिनो को देख कर चाँद भी शर्मा जाये....
ए जानम हमारी गुजारिश ज़रा सुन लो....
अपनी पलके झुकाये ही रखना.....
कही हमसे कोई खता ना हो जाये.....
AYE JAANAM HUMARI GUJARISH ZARA SUN LO....
APNI PALKEN JHUKAYE HI RAKHNA.......
KAHIN HUMSE KOI KHATA NA HO JAYE....
इन दिनो को देख कर चाँद भी शर्मा जाये....
ए जानम हमारी गुजारिश ज़रा सुन लो....
अपनी पलके झुकाये ही रखना.....
कही हमसे कोई खता ना हो जाये.....
Labels: Shayri
